वॉट्सऐप ने सरकार से कहा- मैसेज कहां से शुरू हुआ, यह पता लगाने वाला सॉफ्टवेयर नहीं बना सकते

uploaded on : 2018-08-23 21:05:51

नई दिल्ली //  वॉट्सऐप ने गुरुवार को केंद्र सरकार की मांग ठुकरा दी। कंपनी ने कहा- वह ऐसा सॉफ्टवेयर नहीं बना सकती, जिससे यह पता लग सके कि मैसेज से कहां से जारी हुआ? वॉट्सऐप पर यूजर्स के बीच कई तरह की संवेदनशील बातचीत भी होती है। अगर हम ऐसा करते हैं तो यूजर्स की निजता खत्म हो जाएगी। 

सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने बीते मंगलवार को वॉट्सऐप के सीईओ क्रिस डेनियल से मुलाकात की थी। उन्होंने कंपनी को मॉब लिंचिंग, फेक न्यूज और बदले की भावना से भेजे गए अश्लील संदेशों को रोकने के लिए तकनीकी उपाय तलाशने को कहा था। साथ ही शुरुआती मैसेज भेजने वाले का पता लगाने के लिए भी समाधान निकालने को कहा था।

 

निजता के नियमों कमजोर नहीं करेंगे: कंपनी ने कहा, "मैसेज को ट्रेस करने वाली तकनीक विकसित कर हम वॉट्सऐप की निजता को नुकसान नहीं पहुंचा सकते। न ही ऐसा करके हम अपने बनाए हुए निजता के नियमों को कमजोर करेंगे, जिससे कोई इसका गलत फायदा न उठा पाए।"

 

सरकार ने कहा- वॉट्सऐप देश में ही रखे भारतीयों का डाटा: रविशंकर प्रसाद ने मंगलवार को कहा था कि कोई कंपनी अफवाह फैलाने वाले संदेशों को रोकने के लिए तकनीकी उपाय नहीं तलाशती तो उस पर जुर्माना लगाया जा सकता है। प्रसाद ने फेसबुक के मालिकाना हक वाली इस कंपनी से भारत में कॉरपोरेट ऑफिस बनाने और एक शिकायत अधिकारी नियुक्त करने को भी कहा था। साथ ही वॉट्सऐप को भारतीयों का डाटा भारत में ही रखने को कहा था