नाबालिग दुष्कर्म केस में आसाराम दोषी करार, पीड़िता के पिता ने कहा- हमें न्याय मिला

uploaded on : 2018-04-25 20:21:16

शाहजहांपुर // नाबालिग शिष्या से दुष्कर्म के मामले में आसाराम (80) को जोधपुर कोर्ट ने दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। विशेष एससी-एसटी कोर्ट के जज मधुसूदन शर्मा ने बुधवार सुबह सेंट्रल जेल में कोर्ट लगाकर अपना फैसला सुनाया। जोधपुर की जेल में बंद आसाराम के दो सहयोगियों को भी 20-20 साल की सजा दी गई है। फैसले के बाद पीड़िता के पिता ने खुशी जाहिर की है। पीड़िता के पिता ने कहा, 'हमें इंसाफ मिल गया। जिन्होंने हमारी इस लड़ाई में मदद की, उनका शुक्रिया।'


क्या कहा पीड़िता के पिता ने

- कोर्ट द्वारा आसाराम को दोषी करार दिए जाने के बात पीड़ित के पिता मीडिया के सामने आए। फैसले पर पीड़िता के पिता ने खुशी जाहिर की है। उन्होंने कहा कि फैसला उनके हक में हुआ है और इसके लिए न्यायालय का शुक्रिया। न्यायालय ने उन्हें न्याय दिया है। इस दिन के लिए उन्होंने साढे 4 साल के लंबे वक्त इंतजार किया। फैसले पर पीड़िता ने भी खुशी जाहिर की है।
शाहजहांपुर की रहने वाली है पीड़िता

- पीड़िता शाहजहांपुर जिले की रहने वाली है। शाहजहांपुर का जिला प्रशासन पीड़िता के परिवार की सुरक्षा को लेकर गंभीर है। जिलाधिकारी अमृत त्रिपाठी ने बताया कि फैसला आने को लेकर पीड़िता की सुरक्षा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा पुलिस के भी आलाधिकारियों को जरूरी दिशा निर्देश दिए गए हैं। इसके अलावा इंटेलिजेंस एजेंसी को भी पीड़िता के घर के बाहर लगाया गया है ताकि आने जाने वाले संदिग्ध पर नजर रखी जा सके।
- जिलाधिकारी के मुताबिक पीड़िता पीड़िता के परिवार की सुरक्षा के लिए एक सब इंस्पेक्टर, चार कांस्टेबल और एक होमगार्ड तैनात है। जरूरत पड़ेगी तो और सुरक्षा बढ़ाई जाएगी।

आसाराम ने साढ़े चार साल में 12 जमानत याचिकाएं लगाईं, सभी खारिज
- 1 सितंबर, 2013 को गिरफ्तारी के बाद से आसाराम जेल में है। इस दौरान उसने 12 जमानत याचिकाएं लगाईं। इनमें से 6 ट्रायल कोर्ट में और तीन-तीन राजस्थान हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में खारिज हुईं। आसाराम पर गुजरात में भी

दुष्कर्म का एक मामला चल रहा है।

आसाराम के दो साथी भी दोषी करार
- आसाराम के अलावा उसके सेवादार शिल्पी और शरतचंद्र को भी दोषी करार दिया गया है। इन दोनों ने लड़की को आसाराम तक पहुंचाने में मदद की थी। वे गिरोह बना कर दुष्कर्म करने की धारा 376डी के तहत दोषी साबित हुए।
- कोर्ट ने सेवादार शिवा और रसोइया प्रकाश को बरी कर दिया गया।

देवारिया में समर्थक जुटे

-देवरिया में आसाराम के हजारों अनुयायी हैं। दोषी करार देने के बाद समर्थकों ने कहा कि आरोप साबित होने के बाद भी इनको भगवान की तरह पूजते हैं और इनको पिता का दर्जा भी दे दिया है। वह हमारे लिए भगवान गुरू और पिता हैं। उनके ऊपर कोई भी आरोप लगेगा उससे कुछ नहीं होता हम उनको हमेशा भगवान मानेंगे।

- वहीं, मृतक अखिल गु्प्ता के पिता नरेश गुप्ता ने कहा कि इस मामले में जो फैसला है वो अपराध के हिसाब से बहुत कम है। बता दें कि अहमदाबाद में दस साल तक आसाराम के रसोइये रहे अखिल की 11 जनवरी, 2015 को हत्या कर दी गई थी।