17 सालों में किसी CM ने नहीं किया निकाय चुनाव का प्रचार, योगी ने इसल‍िए संभाली कमान

uploaded on : 2017-11-21 13:36:38

लखनऊ // यूपी विधानसभा चुनाव में भगवा फहराने के बाद बीजेपी ने निकाय चुनाव जीतने का जिम्मा सीएम योगी आदित्यनाथ को दिया है। यही वजह है कि पिछले 17 सालों में पहली बार कोई सीएम निकाय चुनाव का प्रचार करने मैदान में उतरा है। सीएम योगी ने अयोध्या नगर निगम से प्रचार की शुरुआत की है। 7 दिनों में 20 से ज्यादा रैलियां संबोधित कर चुके हैं। पूरे चुनाव में सीएम 14 दिन में 32 से ज्यादा रैलियां करेंगे। आगे पढ़‍िए सीएम योगी न‍िकाय चुनाव में क्यों कर रहे हैं प्रचार...
// सीनियर जर्नलिस्ट प्रदीप कपूर ने बताया, बीजेपी के सत्ता में आने के बाद से सीएम योगी पर प्रेशर बढ़ गया है।
// यूपी में निकाय चुनाव को लोकसभा चुनाव 2019 से पहले सेमीफाइनल माना जा रहा है।
 // ऐसे में निकाय चुनाव के जरिये जनता के बीच कोई गलत मैसेज न जाए, इसलिए सीएम योगी निकाय चुनाव जीतने में कोई कोर-कसर नहीं छोड़ना चाहते हैं।
 // साथ ही वह जनता को मैसेज देना चाहते हैं कि वह अपने दम पर भी चुनाव जीत सकते हैं।
पिछले 17 सालों से किसी सीएम ने नहीं किया प्रचार
 // प्रदीप कपूर ने बताया, पिछले 17 सालों में किसी सीएम ने चुनाव प्रचार नहीं किया है। यह परंपरा रही है कि सीएम लोकल बॉडी इलेक्शन में चुनाव प्रचार नहीं करते हैं।
// राजनाथ सिंह से लेकर अखिलेश यादव तक जब यह सीएम रहे तब तक निकाय चुनाव का प्रचार नहीं किया।
// 2000 से 2017 तक राजनाथ सिंह, मायावती, मुलायम सिंह और अखिलेश यादव सीएम रहे, लेकिन कभी प्रचार में नहीं गए।
// दरअसल, लोकल बॉडी चुनाव में स्थानीय मुद्दों को तरजीह दी जाती है, इसलिए सीएम इस चुनाव में प्रचार करने से अवॉयड करते हैं।
पहली बार बड़े मुद्दों को तरजीह, पार्टियां लगा रही जी-जान
// प्रदीप कपूर कहते हैं कि यह पहली बार है कि निकाय चुनावों में भी राष्ट्रीय मुद्दे हावी हैं। अब कोई नाली, सड़क और पानी की बात नहीं कर रहा है। नोटबंदी और अन्य बड़े मुद्दों को हवा दी जा रही है।
// पहले सीएम निकाय चुनाव में इसलिए प्रचार नहीं करते थे, क्योंकि हार-जीत का उनकी छवि पर गलत असर पड़ सकता था। लेकिन सीएम योगी ऐसा नहीं सोचते हैं उन्होंने इस चुनाव को प्रतिष्ठा का मुद्दा बनाया हुआ है।
// हालांकि, बड़े नेता भले ही प्रचार न कर रहे हों, लेकिन पहली बार सभी ने जी-जान लगा रखी है। अखिलेश यादव ने बाकायदा अपील जारी की है, जबकि मायावती लगातार लखनऊ में कैम्प कर चुनाव पर नजर रखे हैं।
अयोध्या से ही शुरुआत क्यों?
// योगी आदित्यनाथ की अयोध्या से निजी आस्था है। अयोध्या दौरे के समय योगी ने कहा भी था कि‍ अयोध्या उनकी निजी आस्था है और विपक्षी दलों को इस बारे में सवाल उठाने का अधिकार नहीं है।
// दि‍वाली समारोह को लेकर आलोचनाओं का सामना कर रहे सीएम ने कहा, अयोध्या में दि‍वाली मनाकर उन्होंने कोई नई परंपरा नहीं शुरू की है, बल्कि भगवान राम के वनवास पूरा कर घर लौटने पर खुशियां मनाने की सदियों पुरानी परंपरा है।
कब-कहां होंगे चुनाव
पहला फेज: 22 नवंबर

//  24 जिले: शामली, मेरठ, हापुड़, बिजनौर, बदायूं, हाथरस, कासगंज, आगरा, कानपुर, जालौन, हमीरपुर, चित्रकूट, कौशाम्बी, प्रतापगढ़, उन्नाव, हरदोई, अमेठी, फैजाबाद, गोंडा, बस्ती, गोरखपुर, आजमगढ़, गाजीपुर, सोनभद्र।
दूसरा फेज: 26 नवंबर
//  25 जिले: लखनऊ, मुजफ्फरनगर, गाजियाबाद, गौतमबुद्धनगर, अमरोहा, रामपुर, पीलीभीत, शाहजहांपुर, अलीगढ़, मथुरा, मैनपुरी, फर्रुखाबाद, इटावा, ललितपुर, बांदा, इलाहाबाद, लखनऊ, सुल्तानपुर, अम्बेडकरनगर, बहराइच, श्रावस्ती, संतकबीरनगर, देवरिया, बलिया, वाराणसी, भदोही।
तीसरा फेज: 29 नवंबर
//  26 जिले: सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर, मुरादाबाद, संभल, बरेली, एटा, फिरोजाबाद, कन्नौज, औरैया, कानपुर देहात, झांसी, महोबा, फतेहपुर, रायबरेली, सीतापुर, लखीमपुर खीरी, बाराबंकी, बलरामपुर, सिद्धार्थनगर, महराजगंज, कुशीनगर, मऊ, चंदौली, जौनपुर, मिर्जापुर।