राजस्थान के बाद यूपी के डॉक्टर भी पेश कर सकते हैं सामूहिक इस्तीफा, नाराजगी की है ये वजह

uploaded on : 2017-11-07 14:34:26

लखनऊ // राजस्थान के बाद यूपी के डॉक्टर सामूहिक इस्तीफा देने की धमकी दी है। प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के आह्वान पर सरकारी हास्पिटलों के डॉक्टर सामूहिक इस्तीफा दे सकते हैं। संघ का कहना है, "अगर सरकार ने डाक्टरों की मांगों को जल्द पूरा नहीं किया तो वे इस्तीफे देने के लिए मजबूर हो जाएंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।" ये है पूरा मामला
 
// प्रांतीय चिकित्सा सेवा संघ (पीएमएस) के सेक्रेटरी अमित सिंह ने कहा, "राजस्थान सरकार की अदूरदर्शिता, उपेक्षा, और काम के नाम उत्पीड़न की वजह से वहां के डॉक्टरों में गुस्सा था। इस वजह से सामूहिक इस्तीफे की पेशकश की है।
- "यूपी में भी कुछ राजस्थान जैसी स्थितियां बन रही है। यहां पर तथाकथित साइंटिस्टों पर नये-नये प्रयोग हो रहे है। हेल्थ मिनिस्टर, चीफ सेक्रेटरी और डीजी हेल्थ के साथ बैठक के बावजूद डाक्टरों की एक भी मांगों पर कार्रवाई नहीं हो रही है।"
// "अगर तय वक्त पर पीरियड में डाक्टरों की मांगों को पूरा नहीं किया गया, प्रदेश के सरकारी हॉस्पिटलों के डाक्टर कोई भी निर्णय लेने के लिए स्वतंत्र होंगे। इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।"
 
ये है डाक्टरों की मांगे
1. डॉक्टरों की ड्यूटी ऑवर्स फिक्स किया जाए।
2. पोस्टमॉर्टम एलाउंस दिया जाए
3. समय-समय पर प्रमोशन दिया जाए।
4. एसीपी का लाभ दिया जाये।
5. नॉन प्रैक्टिस एलाउंस(एनपीए) दिया जाए।
 
PMS का पक्ष
- पीएमएस के सेक्रेटरी अमित कुमार ने कहा- "संघ से जुड़े पदाधिकारियों की बैठक में डाक्टरों की लंबित समस्याओं पर चर्चा हुई। जिसमें राजस्थान सरकार की तरफ से डाक्टरों को लेकर सही रवैया नहीं दिखाने पर गुस्सा दिखाया। यूपी सरकार भी राजस्थान सरकार की तर्ज पर कम कर रही है। अगर सरकार ने जल्द ही डाक्टरों की लम्बित मांगों को पूरा नहीं किया, तब डॉक्टर कोई भी डिसीजन लेने के लिए इंडिपिडेंट हैं।
डाक्टरों के कुल सृजित पद 17, 800
सरकारी हॉस्पिटलों में डॉक्टरों की संख्या 11,000 (करीब)
यूपी में कुल डिस्ट्रिक्ट हास्पिटलों की संख्या 158 (महिला- पुरुष)
कुल CHC की संख्या 822
सरकार जल्द फैसला लेगी- डीजी (हेल्थ)
//  यूपी के डीजी (हेल्थ) पदमाकर सिंह के मुताबिक, "डॉक्टर्स समस्याओं का निस्तारण करने की दिशा में कार्रवाई की जा रही है। डॉक्टरों की ज्यादातर मांगे पूरी की जाएंगी। इस पर सरकार कोई बड़ा फैसला लेगी।"