25% तक महंगी हुईं बैंकिंग सर्विसेज; नुकसान में रहेंगे बैंक, क्या करें कस्टमर्स?

uploaded on : 2017-09-27 12:59:20

नई दिल्ली .पिछले एक साल में बैंकों ने अपने सर्विसेज चार्ज में 25% तक का इजाफा किया है। लॉकर चार्ज, डिपॉजिट/विद्ड्रॉल लिमिट पर चार्ज और चेक बुक जैसी 10 से ज्यादा सर्विसेज महंगी हो गई हैं।
 इसके अलावा बैंकों ने फ्री डिपॉजिट और विद्ड्रॉल की लिमिट भी 3 से 5 कर दी है। इस लिमिट के बाद किए जाने वाले कैश ट्रांजैक्शंस पर बैंक 150 रुपये तक वसूल रहे हैं। इस बारे में बातचीत के दौरान आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी. सुब्बा राव
 और दिल्ली यूनिवर्सिटी में एसोसिएट प्रोफेसर आलोक पौराणिक ने कहा कि इस तरह से कस्टमर्स पर चार्ज लादना लॉन्ग टर्म में बैंकों को ही नुकसान पहुंचाएगा। कितनी सर्विसेज महंगी हुईं...
- बैंकों ने जीएसटी लागू होने के बाद सर्विस चार्ज 15% से बढ़ाकर 18% कर दिया है। लॉकर चार्ज में बैंकों ने 25% तक का इजाफा किया है। कुछ ने ज्यादा बढ़ोतरी भी की है।
- सेविंग अकाउंट में कैश ट्रांजैक्शंस की लिमिट तय कर दी है। इसके बाद चार्ज लगाए जा रहे हैं। नई चेकबुक इश्यू कराना महंगा हुआ है। अलग-अलग बैंकों में इसके चार्ज 3 से 5 रुपये प्रति चेक कर दिए गए हैं। ऑनलाइन बैँकिंग के चार्ज भी बढ़ा दिए गए हैं।
- एटीएम से पैसे निकालने पर भी 3 से 5 बार की लिमिट लागू है। इसके बाद ग्राहकों से चार्ज लिए जा रहे हैं।
- डुप्लीकेट पासबुक इश्यू कराने पर 50 से 100 रुपये चार्ज लगाए जा रहे हैं। सिग्नेचर वेरिफिकेशन चार्ज के तौर पर एसबीआई 150 रुपये चार्ज लेगा।
- इंटरेस्ट सर्टिफिकेट इश्यू करने के लिए बैंक 150 रुपये तक ले रहे हैं। डिमांड ड्राफ्ट बनवाने के चार्ज भी ज्यादातर बैंकों ने बढ़ा दिए हैं। एनईएफटी के लिए 25 रुपये प्रति ट्रांजेक्शन तक लिया जा रहा है।
2) कितना महंगा हुआ लॉकर चार्ज
- एसबीआई ने साल लॉकर चार्ज में 25% तक की बढ़ोतरी की है।
- एसबीआई ने एक में लॉकर ऑपरेट करने की संख्या भी कम कर दी। 12 बार के बाद ग्राहकों को 100 रुपए के साथ सर्विस टैक्स देने की व्यवस्था कर दी गई।
- आईसीआईसीआई, एक्सिस और एचडीएफसी बैंक के लॉकर चार्ज में भी कुछ समय के दौरान इजाफा किया है। सभी बैंक एनुअल फी के अलावा सर्विस चार्ज भी ले रहे हैं।
एसबीआई का लॉकर चार्ज (अर्बन एरिया)
साइज पुराने (रुपए) नए (रुपए)
छोटे 1200 1500
मझोले 2800 3500
बड़े 4500 5500
पीएनबी का लॉकर चार्ज
साइज
चार्ज (रुपए)
(मेट्रो, अर्बन, सेमी अर्बन एरिया)
चार्ज (रुपए)
रूरल एरिया
छोटे 800 600
मझोले 1500 1500
बड़े 3000 3000
आईसीआईसीआई का लॉकर चार्ज (अर्बन एरिया)
साइज पुराने (रुपए) नए (रुपए)
छोटे 1263 1800
बड़े 4000 5388
एचडीएफसी का लॉकर चार्ज (अर्बन एरिया)
साइज पुराने (रुपए) नए (रुपए)
छोटे 4500 5000
मझोले 6000 8000
बड़े 9000 10000
एक्सिस बैंक का लॉकर चार्ज
साइज चार्ज (रुपए, मेट्रो/अर्बन) चार्ज (रुपए, सेमी अर्बन)
छोटे 3000 1700
मझोले 6000 2500
बड़े 10000 5500
ज्यादा बड़े 12000 11000
3) अलग-अलग बैंकों में फ्री ट्रांजैक्शन की लिमिट और चार्ज
बैंक फ्री डिपॉजिट/विद्ड्रॉल फ्री ट्रांजैक्शन के बाद शुल्क
SBI 4 50 रुपए ब्रांच में/20 रुपए एटीएम में
PNB 5 5 रुपये/1000 रुपए (कम से कम 150 रुपए)
कोटक महिंद्रा 4 3.5 रुपए/1000 रुपए (कम से कम 150 रुपए)
ICICI 4 5 रुपए/1000 रुपए (कम से कम 150 रुपए)
HDFC 4 5 रुपए/1000 रुपए (कम से कम 150 रुपए)
एक्सिस बैंक 4 5 रुपए/1000 रुपए (कम से कम 150 रुपए)
(अलग-अलग शहरों में फ्री डिपॉजिट और विदड्रॉल की लिमिट अलग है)
3) एसबीआई में मिनिमम बैलेंस
एरिया पुराना (रुपए) नया (रुपए)
मेट्रो 5000 3000
अर्बन 3000 3000
- सेमी अरबन 2000 रुपए, कोई बदलाव नहीं
- रूरल 1000 रुपए, कोई बदलाव नहीं
4) सैलरी अकाउंट
- एचडीएफसी बैंक सेविंग के साथ ही सैलरी अकाउंट पर भी चार बार से अधिक बार पैसे डिपॉजिट करने या निकालने पर कम से कम 150 रुपये चार्ज लगा रहा है।
- एक्सिस बैंक सेविंग के अलाव सैलरी अकाउंट पर भी पांच बार से ज्यादा बार पैसे निकालने पर कम से कम 95 रुपये चार्ज वसूल कर रहा है। ये चार्ज 2.50 रुपये प्रति हजार की दर से लिया जाएगा।
- आईसीआईसीआई बैंक पहले चार ट्रांजेक्शंस के बाद 5 रुपये प्रति हजार रुपये या 150 रुपये चार्ज ले रहा है।
5) किसी भी दूसरी ब्रांच में पैसा डिपॉजिट करने पर
- कहीं भी कैश डिपॉजिट करने पर आईसीआईसीआई बैंक आपसे 5 रुपये प्रति हजार (कम से कम 150 रुपये) शुल्क लेगा।
- आईसीआईसीआई बैंक बेस ब्रांच (जहां अकाउंट है) में एक महीने में पहले चार लेन-देन के लिए कोई फीस नहीं ले रहा। इसके बाद प्रति 1,000 रुपये पर 5 रुपये फीस वसूल रहा है।
- आईसीआईसीआई बैंक आउटस्टेशन ब्रांच पर सिर्फ एक कैश ट्रांजेक्शन ही फ्री दे रहा है। इसके बाद 5 रुपये प्रति हजार रुपये चार्ज लगेगा।
- एचडीएफसी 25000 रुपये से ज्यादा के ट्रांजेक्शन पर 5 रुपये प्रति हजार रुपए या 150 रुपये चार्ज वसूल रहा है। इसमें वहीं लिया जाएगा जो ज्यादा होगा। वहीं, बेस ब्रांच में दो लाख रुपये तक ट्रांजैक्शन पर कोई चार्ज नहीं है।
- पीएनबी भी दूसरी ब्रांच में 5000 रुपये से ज्यादा कैश डिपॉजिट पर 2 रुपए प्रति 1000 रुपये वसूल रहा था, जो अब बढ़ा दिया गया है।
6) चेक बुक
- एसबीआई एक फाइनेंशियल ईयर में 50 चेक वाली चेक बुक मुफ्त देता है। इसके बाद 25 पन्नों वाली चेकबुक के लिए 75 रुपये के साथ सर्विस टैक्स भी देना पड़ता है।
- पीएनबी पहली चेकबुक फ्री देता है। इ सके बाद नई चेकबुक के लिए हर चेक के लिए 2.50 रुपये का चार्ज देना होगा।
- आईसीआईसीआई बैंक तो लूज चेक के लिए 25 रुपये प्रति चेक तक वसूल रहा है।
- एचडीएफसी बैंक नई चेकबुक के लिए प्रति चेक 5 रुपये चार्ज लेता है।
7) डिपॉजिट पर ब्याज दर घटाई
- इसके अलट एसबीआई ने सेविंग अकाउंट में डिपॉजिट पर ब्याज दर घटाकर 3.5 फीसदी कर दी गई है। पहले यह 4 फीसदी थी।
- एचडीएफसी, एक्सिस और आईसीआईसीआई बैंक सेविंग अकाउंट में डिपॉजिट पर 3.5 फीसदी ब्याज ही दे रहे हैं।
- कोटक महिंद्रा बैंक सेविंग अकाउंट में डिपॉजिट पर 5 फीसदी की दर से ब्याज दे रहा है।
क्या करें कस्टमर्स?
- आर्थिक मामलों के जानकार आलोक पौराणिक का कहना है कि बैंकों की ओर से रोज लगाए जाने वाले चार्ज से बचने के लिए लोगों को अवेयर होने की जरूरत है। लोगों को बैंक अकाउंट खुलवाने से पहले ही पूरी रिसर्च कर लेनी चाहिए।
- सबसे पहले बचत खाते में जमा पर मिलने वाले ब्याज की तुलना करनी चाहिए।
- डिपॉजिट रेट्स कंपेयर कर लें। अगर बैंक नहीं बदलना चाहते तो ज्यादा से ज्यादा लेन-देन कैशलेस करें।
- पैसा बैंक में डिपाजिट करने की बजाए म्यूचुअल फंड में लगाएं, ताकि बेहतर रिटर्न मिल सके। इसके लिए सिप पर भरोसा कर सकते हैं।'
- जोखिम ले सकते हों और बाजार की समझ हो तो शेयर मार्केट से शानदार रिटर्न लिया जा सकता है।
- इस समय प्रॉपर्टी की कीमतें घट गई हैं। ऐसे में प्रॉपर्टी में निवेश भी अच्छा ऑप्शन हो सकता है।
- सरकारी बॉन्ड में निवेश भी कर सकते हैं। साथ ही ऐसे इंश्योरेंस प्लान भी बाजार में मौजूद हैं, जिनमें सुरक्षा के साथ अच्छा रिटर्न भी मिलता है।'
क्या बैंकों से लोगों का भरोसा घटेगा?
- आरबीआई के पूर्व गवर्नर डी सुब्बा राव ने कहा - "अगर बैंक इसी तरह कस्टमर्स पर चार्ज लादते रहे तो लॉन्ग टर्म में ये बैंकों के लिए ही नुकसानदायक साबित होगा। लोगों का भरोसा बैंकिंग सिस्टम में कम होता जाएगा। लोग बैंकों में रकम रखने के बजाय अलग-अलग जगह इन्वेस्ट करने में ज्यादा भरोसा करेंगे।"
- "लॉकर सुविधा के चार्ज 25% बढ़ा दिए गए हैं डिपॉजिट पर इंटरेस्ट घटाया जा रहा है। ऑनलाइन ट्रांजेक्शन पर भी बैंक चार्ज वसूल रहे हैं।"