9 महीने का प्रेग्नेंट लगता था शख्स, डॉक्टर ने पेट से निकाली भयानक चीज

uploaded on : 2017-06-24 13:20:50

चीन में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने मेडिकल जगत को हैरान कर दिया है।

यहां एक शख्स के पेट में लंबे समय से तेज दर्द हो रहा था। जब उसने डॉक्टर्स को दिखाया, तो उन्होंने अन्दर ट्यूमर होने की बात कही। लेकिन जब उसकी सर्जरी की गई, तो डॉक्टर्स अंदर का नजारा देख हैरान रह गए। मौत के मुंह तक पहुंच गया था शख्स...शंघाई के टेंथ पीपुल हॉस्पिटल के डॉक्टर्स ने ऑपरेशन के जरिए 22 साल के इस शख्स के पेट से 28 पाउंड यानि 13 किलो की आंत को बाहर निकाला है। शख्स को बचपन से ही कब्ज की शिकायत थी। जब शंघाई के हॉस्पिटल में इसका ट्रीटमेंट किया गया तो सर्जरी के बाद डॉक्टर्स ने देखा कि उसकी आंत के बीच 30 इंच लंबा ट्यूमर है। ऐसा माना जा रहा है कि इस पुरुष को हिर्स्चस्प्रुंग रोग था, जो की काफी रेयर है। इसमें आंतों में सूजन आ जाती है क्योंकि पेट को कंट्रोल करने वाली नसें गायब हो जाती हैं। अगर समय से ये सर्जरी नहीं होती, तो शख्स की जान भी जा सकती थी।

प्रेग्नेंट दिखता था शख्स
ये शख्स 9 महीने की प्रेग्नेंट महिलाओं की तरह दिख रहा था क्योंकि ट्यूमर का शेप काफी बड़ा हो चुका था। डॉक्टर्स ने ये भी बताया कि इस पुरुष को कई सालों से कब्ज था। शख्स ने बताया कि वो हमेशा ही कब्ज से पीडि़त रहता था और वो अक्सर लैक्सेटिव ( दवा ) लेता था लेकिन इससे थोड़ा बहुत ही आराम मिलता था। आखिरकार ये हॉस्पिटल गया और वहां जाकर इसे असलियत का पता चला।
रेयरेस्ट बीमारी का था शिकार
आपको बता दें, हिर्स्चस्प्रुंग डिजीज़ हर 5000 में से एक बच्चे को होती है। इस रोग की पहचान करन पाना मुश्किल है। एडल्ट्स में ये बीमारी कम होती है लेकिन महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में इसके होने के चांसेस अधिक होते हैं। मायो क्लीनिक के मुताबिक, हिर्स्चस्प्रुंग के कारण जन्म के समय एब्नॉर्मलिटी, डाउन सिंड्रोम और जन्मजात हृदय रोग हो सकते हैं। इसके अलावा पेट में सूजन, गैस, डायरिया और हरे रंग का तरल पदार्थ निकलना भी इसके लक्षण है। व्यस्कों में वजन बढ़ना, ठीक से ना खाना भी हिर्स्चस्प्रुंग के लक्षण है।
आसानी से पकड़ नहीं आई बीमारी
यूं तो बच्चे में इस बीमारी की पहचान करना आसान है लेकिन कई बार इस बीमारी की पहचान नहीं हो पाती। बच्चों में इस बीमारी को पहचानने का सबसे आसान सा लक्षण है कि बच्‍चे पैदा होने के 48 घंटे बाद तक डार्क पॉटी नहीं करते। इस स्थिति को मैकोनियम कहते हैं। शख्स में इस बीमारी की पहचान काफी मुश्किल से हुई क्योंकि बड़े हो जाने के बाद इसे पकड़ पाना काफी मुश्किल होता है। इसका इलाज सर्जरी से ही संभव है।