बुरी तरह जल गया था बच्ची का चेहरा, मसीहा बन डॉक्टर ने दी दूसरी जिंदगी

uploaded on : 2017-06-13 11:40:08

अफगानिस्तान के छोटे से गांव में रहने वाली जुबैदा हसन की जिंदगी 2001 में हुई घटना ने बर्बाद कर दी थी। उस समय जुबैदा मात्र 9 साल की थी। एक हादसे में ये बच्ची बुरी तरह जल गई थी, जिससे उसका चेहरा और छाती बुरी तरह जल गया था। 
पिघल गया था चेहरे का निचला हिस्सा...जुबैदा इतनी बुरी तरह जल गई थी कि उसके चेहरे का निचला हिस्सा पिघल कर उसकी छाती से चिपक गया था। उसके मां-बाप ने हर लोकल हॉस्पिटल में जुबैदा का इलाज करवाया लेकिन डॉक्टर्स उसके लिए कुछ नहीं
 कर पाए। ऐसे में 2002 में उसके पिता जुबैदा को US मिलिट्री कैंप ले गए। वहां बच्ची का ऐसा हाल देख सिपाहियों को उसपर तरस आ गया। जलने के बाद जुबैदा ना तो ठीक से सो पाती थी ना खा ही पाती थी। दरअसल, चेहरे के छाती से चिपकने की वजह से
 उसकी आंखें बंद नहीं हो पाती थी। कैंप के कुछ लोगों ने लॉस एंजिलिस में रहने वाले प्लास्टिक सर्जन पीटर ग्रॉसमोन से संपर्क किया। उन्होंने जुबैदा के केस को अब तक का सबसे मुश्किल केस करार दिया था। लेकिन पीटर जुबैदा के लिए मसीहा बनकर आए थे।
 उन्होंने जुबैदा का इलाज किया और उसके चेहरे को काफी हद तक ठीक कर दिया। डॉक्टर्स ने किया पीठ की स्किन का इस्तेमाल पीटर से बातचीत होने के बाद जुबैदा अपने पिता के साथ लॉस एंजिलिस आ गई। पीटर ने जुबैदा के पिता को बताया कि बच्ची के 
इलाज में करीब 3 साल लगेंगे। जिसमें उसे कई सर्जरी से गुजरना पड़ेगा। सर्जरी के दौरान जुबैदा की पीठ के स्किन का इस्तेमाल कर उसके चेहरे को दुबारा शेप देने की कोशिश की गई।डॉक्टर ने रखा बेटी की तरह कई ऑपरेशन के बाद पीटर के मन में जुबैदा के
 लिए काफी इमोशंस आ गए थे। ऐसे में जब कुछ समय के बाद जुबैदा के पिता को वापस अफगानिस्तान आना पड़ा तब पीटर और उनकी वाइफ ने इलाज तक जुबैदा को अपने पास बेटी की तरह रखा। जुबैदा ने काफी जल्दी अंग्रेजी सीख ली और उसके काफी 
दोस्त भी बन गए। जिस इलाज में 3 साल लगने वाले थे, मात्र एक साल में खत्म हो गया और जुबैदा का चेहरा काफी हद तक ठीक हो गया।