रियल एस्टेट कानून आज से अमल में, बिल्डरों पर सख्ती, ग्राहकों का फायदा

uploaded on : 2017-05-01 12:05:39

नई दिल्ली/भोपाल. फ्लैट-मकान के खरीदारों के हकों की रक्षा वाला रियल एस्टेट रेगुलेशन कानून-2016 सोमवार (1 मई) से लागू होगा। लेकिन अभी तक मध्यप्रदेश समेत सिर्फ 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने नियम नोटिफाई किए हैं। रेरा में रेगुलेटर की नियुक्ति कर नियम बनाने वाला मध्यप्रदेश देश का पहला राज्य है। यह अथॉरिटी केंद्र के मॉडल कानून के मुताबिक नियम बनाएगी। अथॉरिटी को ही ग्राहक शिकायत करेंगे। रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर डेवलपर को हो सकती है जेल..
इस एक्ट में अपार्टमेंट या घर की बिक्री के पांच साल तक बिल्डिंग में खामी सामने आती है तो डेवलपर उसे 30 दिन के भीतर दुरुस्त कराएगा। वर्ना खरीदार को मुआवजा देगा। प्रोजेक्ट के लिए खरीदारों से ली रकम का 70% अलग अकाउंट में रखना पड़ेगा। इसका इस्तेमाल उसी प्रोजेक्ट के कंस्ट्रक्शन में होगा। अभी डेवलपर एक प्रोजेक्ट के खरीदारों से पैसे लेकर दूसरा प्रोजेक्ट शुरू कर देते हैं।
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रियल एस्टेट एजेंटों के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य
- कम से कम 500 वर्ग मीटर पर बनने या 8 अपार्टमेंट वाले प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन जरूरी। चाहे कॉमर्शियल हो या आवासीय। 
- रजिस्ट्रेशन नहीं कराने पर प्रोजेक्ट की लागत के 10% तक पेनाल्टी लगेगी। दोबारा ऐसा करने पर डेवलपर को जेल संभव। 
- जिन प्रोजेक्ट्स को अभी कंप्लीशन सर्टिफिकेट नहीं मिला है, उनका 3 महीने में रजिस्ट्रेशन कराना पड़ेगा, यानी जुलाई तक। 
- रजिस्ट्रेशन के बाद ही डेवलपर विज्ञापन दे सकता है। रियल एस्टेट एजेंटों के लिए भी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है।

खरीदार, डेवलपर पर जुर्माने की समान ब्याज दर
- प्रोजेक्ट में तय समय से देरी पर डेवलपर पर जिस ब्याज दर से जुर्माना लगेगा, उसी दर से देरी से पेमेंट करने वाले खरीदार पर। 
- डेवलपर को रेगुलेटर की वेबसाइट पर प्रोजेक्ट की विस्तृत जानकारी देनी होगी। इसे हर 3 माह में अपडेट करना पड़ेगा। ग्राहक को अथॉरिटी के पास ही शिकायत करनी पड़ेगी। 
- अपीलेट ट्रिब्यूनल व रेगुलेटरी अथॉरिटी के आदेश नहीं मानने पर डेवलपर को 3 साल, एजेंट व खरीदार को 1 साल जेल संभव।
भोपाल में 1000 से ज्यादा प्रोजेक्ट्स होंगे रजिस्टर्ड
रेरा की परिधि में मप्र में ऑर्गनाइज और अन ऑर्गनाइज क्षेत्र में चल रहे सभी 6000 प्रोजेक्ट्स आएंगे, जिनमें करीब 1000 भोपाल में हैं।